अभी बाकी है!

अनजान

अभी ना ढल ऐ शाम के उनका आना अभी बाकी है

अभी ना रूक ऐ कमीया के कुछ काम अभी बाकी है

 

अभी ना रूक ऐ जुबान के उनका नाम आना अभी बाकी है

अभी ना झुक ऐ नजर के उनसे आँख लडना अभी बाकी है

 

अभी ना बोलो ऐ लफ्जों के उनका बोलाना अभी बाकी है

अभी ना खुश हो ऐ दिल के उनका सुनना अभी बाकी है

 

अभी ना बयाँ होना जज्बातों के उनमे जज्वात आना

अभी बाकी है अभी ना रूठना ऐ गालिब के उनका मना करना अभी बाकी है

 

अभी ना बह ऐ आसु के उनका जाना अभी बाकी है

अभी ना हार ऐ उम्मीद के उनका पलटना अभी बाकी है

 

अभी ना रूक ऐ शाही के बज़्म-ए-जहाँ मे जान आना अभी बाकी है

अभी ना रूक ऐ जिदगो के उनके काम आना अभी बाकी है